logo

सुप्रीम कोर्ट का आदेश : कोविड-19 महामारी के दौरान रिहा किए सभी दोषी, विचाराधीन कैदी 15 दिनों में करें सरेंडर

कोविड-19 महामारी के दौरान रिहा किए सभी दोषी, विचाराधीन कैदी 15 दिनों में करें सरेंडर

द फॉलोअप डेस्क

सुप्रीम कोर्ट ने 24 मार्च शुक्रवार को कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान कारागारों में भीड़ कम करने के लिए रिहा किए गए सभी दोषियों एवं विचाराधीन कैदियों को 15 दिन में आत्मसर्मण करने का आदेश दिया। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा कि महामारी के दौरान कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए ऐहतियात के तौर पर आपातकालीन जमानत पर रिहा किए गए विचाराधीन कैदी आत्मसमर्पण के बाद सक्षम अदालतों से नियमित जमानत का अनुरोध कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: 14 विपक्षी पार्टियों ने ED-CBI दुरुपयोग मामले में SC में दाखिल की अर्जी, 5 अप्रैल को सुनवाई

अपनी सजा के निलंबन के लिए सक्षम अदालतों से कर सकते हैं अनुरोध

इस दौरान जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ नेने कहा, ‘‘कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान रिहा किए गए सभी दोषी आत्मसमर्पण के बाद अपनी सजा के निलंबन के लिए सक्षम अदालतों से अनुरोध कर सकते हैं। बता दें कि वैश्विक महामारी के दौरान विभिन्न राज्यों से कई दोषियों और विचाराधीन कैदियों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार गठित उच्च अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों पर रिहा किया गया था। इनमें से अधिकतर कैदियों के खिलाफ ऐसे मामले दर्ज हैं, जो जघन्य प्रकृति के नहीं हैं।

हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: https://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT